*सरायकेला: बारिश से जनजीवन रहा परेशान, खरकाई नदी का जलस्तर खतरे कि निशान से ऊपर*
*दीपक कुमार दारोघा*
सरायकेला: बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन, तथाकथित अर्णव साइक्लोन के प्रभाव के कारण पिछले तीन दिनों से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा।
यहां तक कि शुक्रवार को सुबह से ही मूसलाधार बारिश के कारण सरायकेला साप्ताहिक हाट भी नहीं लग पाया। थोड़ा बारिश छुटते ही अपराहन को हाट में चहल-पहल शुरू हुई। बारिश के कारण नदी नाला भी भर गई। जानकारी के मुताबिक शाम तक खरकाई नदी का जलस्तर भी खतरे की निशान से ऊपर बह रही थी। इसको लेकर प्रशासन अलर्ट है।
बारिश के कारण गैरेज चौक से पश्चिम की ओर गुजरने वाली (सरायकेला चाईबासा सड़क) मुख्य सड़क में भी पानी भर गया। सड़क किनारे घरों में रहने वाले लोगों ने बताया कि मुख्य सड़क के किनारे नाली भी है। नाली जाम रहने के कारण नाली का पानी घरों में भी घुसा जिससे रात भर परिवार के लोग पानी निकालने में परेशान रहे।
यहां तक कि सरायकेला एचपी गैस गोदाम में बारिश में भीगते हुए लोग रसोई गैस के लिए लाइन में घंटों खड़े दिखे। और रसोई गैस क्रय के लिए परेशान रहे।
इधर बारिश के बावजूद 25 सितंबर को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर स्कूलों में वंदे मातरम् की सामूहिक गायन कार्यक्रम हुई।
रात को भी छिटपुट बारिश होती रही। मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक 26 को भी बादल छाए रहेंगे। छिटपुट बारिश की संभावना है।




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