*सरायकेला: आंगनबाड़ी सेविका की बेटी नम्रता बनी खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बढ़ाया जिले का मान, पहली प्रयास में बड़ी उपलब्धि*
*दीपक कुमार दारोघा*
सरायकेला: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड राज्य के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा (विज्ञापन संख्या 18/2023) का अंतिम परीक्षा फल हुआ प्रकाशित जिसमें नम्रता महतो का नाम भी प्रकाश में आया है, इसको लेकर जिला मुख्यालय सरायकेला के निकटतम गांव मानिक बाजार स्थित नम्रता के घर में परिजन बंधु खुशियां बांटने पहुंच रहे हैं।
मीडिया को इसकी भनक लगते ही हम उनके गांव मानिक बाजार पहुंचे। उनके घर में उनके दोस्त,परिजन बधाई देने पहुंचे थे।
मिलने पर नम्रता ने बताया कि वह प्रारंभिक शिक्षा बाल विकास शिक्षा निकेतन सरायकेला से पूरी की। उसके बाद उसी स्कूल से नेतरहाट की तैयारी की और इंदिरागांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग से दसवीं की पढ़ाई पूरी की। 12वीं चैतन्य टेक्नो स्कूल विशाखापटनम से की जबकि स्नातक (प्रतिष्ठा) बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची से पूरी की। झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित (खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी) की प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने के बाद उन्होंने खुशी जाहिर की और कहा कि पहले प्रयास में सफलता मिली। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता,भाई-बहन,दोस्त एवं शिक्षकों को दी है।
उन्होंने हर माता-पिता को संदेश दिया कि अपने बच्चों पर भरोसा रखें, उन्हें पढ़ाएं, आगे बढ़ाएं।
इनकी माता प्रभाती महतो आंगनबाड़ी सेविका हैं। उन्होंने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर की और कहा कि पहले घर में बेटी जन्म लेने का मतलब मां को इज्जत नहीं मिलता था। तभी तय किया था कि बेटी को पढ़ाना है। नम्रता के पिता आस्तिक चंद्र महतो एलआईसी एजेंट है। उन्होंने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर की और कहा कि मेहनत बेटी का रहा।बेटी पर गर्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी तीन संतान है। दो बेटी, एक बेटा है। बड़ी बेटी नम्रता, बेटा तनमय एवं छोटी बेटी तमन्ना है। उन्होंने जीवन के संघर्ष को भी बयां किया।
मौके में इनके बंधु नीरेन चंद्र सोरेन एवं उनकी बेटी अनुशा भी पहुंचे एवं नम्रता को उपलब्धि पर बधाई दी।

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