करम पर्व


*सरायकेला: करम पर्व पर पूजे गये प्रकृति, भक्ति उल्लास का माहौल*

*दीपक कुमार दारोघा*

सरायकेला: जिला मुख्यालय सरायकेला के निकट ईटाकुदर पंचायत के पदमपुर गांव में करम पर्व पर पूजे‌ गये प्रकृति।

किसान व झारखंड आंदोलनकारी श्री धनपति सरदार के घर आंगन में आयोजित इस पूजा उत्सव में आसपास के भक्त श्रद्धालु भी पहुंचे। ग्रामीण महिला व बालिकाएं उपासना पूर्वक पूजा रस्म में सक्रिय दिखे। ग्रामीण भक्त श्रद्धालु उपासना पूर्वक जंगल से करम डाली (प्रकृति का प्रतीक) लिए पूजा स्थल पहुंचे। पूजा स्थल पर करम डाली गाड़ा एवं जावा के साथ स्थापित कर विधि विधान से पूजा अर्चना शुरू की। पूजा उत्सव के दौरान पुजारी सुधीर सरदार ने उपस्थित भक्त श्रद्धालुओं को करम पूजा की महत्व बताया। साथ ही करमु-धरमु की पारंपरिक कथा सुनाई। इस अवसर पर आज तोरे करम रजा घोरे द्वारे..... की जीत भी गूंजने लगी। मादल नागडा के थाप पर महिला बालिकाएं भी थिरकते हुए नजर आए। गांव के एम.पी सरदार ने कहा कि करम पर्व पर बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखा एवं उपासना पूर्वक पूजा अर्चना की। गांव की सुख समृद्धि के लिए प्रकृति का यह पर्व मनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा प्रकृति का यह पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति है। जिसका निर्वाह किया जा रहा है। इसको लेकर भक्ति उल्लास का माहौल है।

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