*सरायकेला: पूजे गए श्री कृष्ण, महिलाओं ने उपासना पूर्वक किया पूजा अर्चना, पालन हुई जन्मोत्सव*
*दीपक कुमार दारोघा*
सरायकेला: कृष्ण जन्माष्टमी में जिला मुख्यालय सरायकेला स्थित रास मंदिर में पूजे गए श्री कृष्ण, पालन हुई जन्म उत्सव।
शाम ढलते ही भक्त श्रद्धालुओं का रुख इस मंदिर की ओर रहा। राजा रजवाड़ के समय बनी इस रास मंदिर में भगवान के प्रति लोगों की आस्था बनी हुई है। लोगों ने उपासना पूर्वक यहां पूजा अर्चना की एवं भगवान कृष्ण के प्रति आस्था जताया। मंदिर के कार्यक्रम आयोजक मंडली भी कृष्ण भक्ति में रमे रहे। मंडली द्वारा भजन प्रस्तुति भी किया जा रहा था। यहां तक कि घरों में भी महिलाओं ने उपासना पूर्वक कृष्ण जन्माष्टमी का पालन किया।
मान्यता है कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को श्री कृष्ण का जन्म हुआ थी। वासुदेव पुत्र श्री कृष्ण की जन्म माता देवकी के गर्व से हुई थी। मथुरा के राजा कंस के कारागार में इनका जन्म हुआ था। उस समय बारिश हुई थी। उस समय देवी वाणी भी हुई। दैवीवाणी के मुताबिक वासुदेव ने उसे गोकुल के नंद के यहां छोड़ा। वह यशोदा पुत्र गोपाल के रूप में गोकुल में बढ़ा। और राधा के कृष्ण बना। सरायकेला के विभिन्न राधा कृष्ण मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी में भक्त श्रद्धालु पहुंचे एवं उपासना पूर्वक पूजा अर्चना की।


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