*शिक्षक दिवस में एसएनईएम स्कूल सरायकेला में हुई भव्य कार्यक्रम, दिवंगत शिक्षक नलनीकांत भी किए गए याद*
*दीपक कुमार दारोघा*
सरायकेला: शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय सरायकेला स्थित सिस्टर निवेदिता इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सरायकेला के दिवंगत गैर सरकारी शिक्षक नलनीकांत सतपथी भी याद किए गए।
उक्त स्कूल के विद्याधर दास एवं अतिथियों ने उन्हें भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्मदिन (5 सितंबर 1888) पर 1962 से शुरू हुई इस शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा अब भी चल रही है। जानकारी के मुताबिक सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने 1939 में पंडित मदन मोहन मालवीय के आमंत्रण पर बी.एच.यु के उप कुलपति का पद संभाला। 9 वर्ष तक बिना सैलरी लिए छात्र के लिए मुक्त सेवा देते रहे।
सरायकेला के शिक्षक नलनीकांत सतपथी बिना पारिश्रमिक लिए विद्यार्थियों में ज्ञान बांटते थे। शिक्षा ग्रहण करने के लिए जो उनके पास पहुंचा कभी निराश नहीं हुआ। उनके अनगिनत स्टूडेंट वर्षों बाद भी उनकी प्रशंसा करते नहीं थकते। और उन्हें याद करते। जीवन के अंतिम समय में उन्होंने सिस्टर निवेदिता इंग्लिश मीडियम स्कूल में भी बच्चों को ज्ञान बांटते रहे। उनके समर्पित सेवा को स्कूल परिवार आज भी याद करता है।
विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान,मार्गदर्शन एवं समर्पण के प्रति सम्मान, कृतज्ञता जताने के लिए हुई इस कार्यक्रम में अतिथियों का भी उपस्थित रही। अतिथियों में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी सुशांत महापात्र, संगीतज्ञ नाथू महतो, शिक्षक देवाशीष पति, विश्वनाथ होनाहागा के अलावे उक्त विद्यालय के रंजीत सेन गुप्ता, विजय कुमार दुबे सहित आदि शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए प्रेरणादायक भावपूर्ण भाषण दिया। नन्हे मुन्ने बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत की। स्कूल द्वारा आयोजित पैराग्राफ राइटिंग एवं क्विज प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम में पुरस्कार भी मिला।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के प्रति विद्यार्थियों का प्रेम, सम्मान भी देखने को मिला।



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