*जिला मुख्यालय सरायकेला में शिवालयों की ओर रही भक्त श्रद्धालुओं की रुख, लोगों ने भगवान शिव को किया जलार्पण*
*दीपक कुमार दारोघा*
सरायकेला: जिला मुख्यालय सरायकेला में श्रावण महीना के अंतिम सोमवारी को भक्त श्रद्धालुओं का रूख शिवालयों की ओर रहा।
सुबह से ही रिमझिम बारिश के बावजूद भक्त शिव मंदिर पहुंचे एवं भगवान भोलेनाथ को जलार्पण किया। विभिन्न क्षेत्र से कांवर लिए पहुंचे शिव भक्तों ने यहां कुदरसाई स्थित शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ को जलार्पण किया। इस दौरान बोलबम की नारा गूंज रहा था।
सूत्रों के मुताबिक असुरों से रक्षा हेतु देवताओं ने शिव की स्मरण की थी। परिणाम शिव की तेज से बीज अग्नि में गिरा। अग्नि का ज्वाला नदी में गिरा। नदी की पानी में उबली ज्वाला ने नदी किनारे स्थित कास फूल को राख कर दिया। और इसी राख से कार्तिकेय का जन्म हुआ। शिव के तेज से जन्मे कार्तिकेय मुरूगन कहलाए एवं शिव भक्त बन गए। वर्षा के लिए कार्तिकेय (मुरूगन) ने कांवर यात्रा की एवं भगवान शिव को जलार्पण कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की थी।
सोमवार व्रत के मद्देनजर मंदिर में भक्त श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
इधर खरकाई नदी तट पर माजणाघाट स्थित शिव मंदिर में भी विभिन्न क्षेत्रों से भक्त श्रद्धालु पहुंचे एवं भगवान शिव को जलार्पण किया। पुराना बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर में भक्त श्रद्धालुओं ने उपासना पूर्वक भगवान शिव को जलार्पण की। एवं पूजा अर्चना कर भगवान शिव के प्रति आस्था जताया। रुक रुक कर दिनभर हुई बारिश के बावजूद भक्त श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई। दिन भर मौसम उमस भरा रहा। खरकाई नदी तट पर स्थित कुदरसाई शिव मंदिर हो या फिर माजणाघाट स्थित शिव मंदिर लोगों ने यहां भंडारा का भी आनंद उठाया। इस दौरान भक्ति उल्लास का माहौल रहा।



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