वंदे मातरम


स्वतंत्रता दिवस पर विशेष 

*भारत की आजादी का पहला तिरंगा हो या फिर वंदे मातरम्* 

*दीपक कुमार दारोघा*

 स्वतंत्र भारत की तिरंगा हो या जन गण मन या फिर वंदे मातरम् तीनों ही देश के संप्रभुता, एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।

हाल ही संसद के मानसून सत्र में वंदे मातरम् गीत को कानूनी संरक्षण देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक संसद में पारित हुआ। 

मानसून सत्र के आखिरी दिन 13 अगस्त को संसद में पहली बार वंदे मातरम् का पूर्ण गीत गूंजा। पूरा गीत (सभी छह छंद) 3 मिनट 10 सेकंड में पूरी हुई। यह घटना एक ऐतिहासिक पल के रूप में यादगार रहेगा। 

भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रीय गान जन गण मन एवं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्  को 24 जनवरी 1950 को अपनाया था। जबकि संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को भारत के वर्तमान ‌राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया।

 भारत देश की आजादी का प्रतिक तिरंगा झंडा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर फहराया था।

 जिस तिरंगे को पहली बार लाल किले पर फहराया गया था, वह भारत की राजधानी दिल्ली स्थित आर्मी बैटल ऑनर्स में है।

वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के जरिये इस बात का खुलासा किया था। इस तिरंगे झंडे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने को लेकर संविधान सभा की बैठक में 22 जुलाई 1947 को प्रस्ताव पारित हुई।और हमारा राष्ट्रीय ध्वज अस्तित्व में आया। 

*20 वीं सदी में मिली आजादी, अब पार कर चुके हैं 21वीं सदी का दूसरा दशक*


20वीं सदी में भारत को आजादी मिली और अब 21वीं सदी का दूसरा दशक हम पार कर चुके हैं।

20 वीं सदी तक देश का विकास कांग्रेस के माननीय के कंधे पर रहा। इस दौरान ओड़ीसा, कटक में पीएम लाल बहादुर शास्त्री ने देश में जय जवान, जय किसान की नारा दिया था। देश में कृषि,उद्योग, विज्ञान प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने की भी प्रयास हुई।

21वीं सदी में भाजपा गठबंधन की सरकार में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान की नारों के साथ देश को नई सोच दी। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के जरिए युवाओं में नई जोश भरने की कोशिश की है। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ अब पीएम मोदी जय अनुसंधान की नारों को बढ़ावा दे रहे हैं। देश अन्न उत्पादन से लेकर अंतरिक्ष तक की वैज्ञानिक सफर तय कर विश्व में अपनी खास पहचान बना पाया है। इसमें सबसे बड़ी बात राष्ट्रप्रेम है। देश स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मनाने में मशगूल है और चारों तरफ है वंदे मातरम् की गूंज।

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