सरायकेला में देवस्नान पूर्णिमा



*सरायकेला: पर्यटनीय एवं भाव भक्ति का एहसास करा गया देवस्नान पूर्णिमा*

*दीपक कुमार दारोघा*

सरायकेला: ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा (देवस्नान पूर्णिमा) को झारखंड के सरायकेला जगन्नाथ मंदिर में दारू ब्रह्म श्री जगन्नाथ का जलाभिषेक रस्म भक्ति उल्लास वातावरण में हुआ।
इसके पूर्व मंगल आरती के साथ नीति रीति शुरू हुआ। मंदिर में पुजारी ब्रह्मानंद महापात्र के नेतृत्व में पंडितों ने महाप्रभु की स्नान रस्म पूरा किया। सानो आचार्य, सुमित महापात्र ने रीति नीति का संपादन करने में सक्रियता दिखाई। महाप्रभु कालिया को 35 कलश,बलभद्र को 33 कलश, माता सुभद्रा को 22 कलश एवं सुदर्शन को 18 जलकलश से स्नान रस्म भक्ति वातावरण में हुई। पूरे कार्यक्रम में श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू महांती, सचिव शंकर सतपथि के नेतृत्व में सदस्यगण सक्रिय दिखे। लोगों ने श्री मंदिर में श्री जगन्नाथ के प्रति अपार भक्ति को भी अपने ललित ललित माध्यम से अभिव्यक्त किया। पूरा वातावरण भाव भक्ति के सागर में डूबा रहा।

लोगों ने यहां कई पर्यटनीय स्थलों का भी आनंद उठाया। खरकाई नदी के तट पर माजणाघाट स्थित मनोरम पार्क हो या फिर शमशान काली मंदिर भक्त श्रद्धालुओं को देखा गया। खरकारी नदी के तट पर कुदरसाई शिव मंदिर के निकट स्थित पार्क हो या फिर पाऊड़ी देवी पीठ स्थल (पाऊड़ीमेल) में भी लोग पहुंचे एवं पर्यटनीय स्थल का अवलोकन किया। प्रचंड गर्मी के बावजूद विभिन्न क्षेत्र से आए लोगों ने जहां मंदिर पहुंचकर श्री जगन्नाथ के प्रति भक्ति आस्था जताया, वहीं खरकाई नदी तट पर (दिवान साई) स्थित छऊ थीम पार्क में भी पहुंचे एवं प्रकृति की गोद में कुछ समय आनंद की अनुभूति की। शाम को हुई छिटपुट बारिश से जहां लोगों ने गर्मी से थोड़ी राहत महसूस की वहीं प्रभु दारू ब्रह्म की स्नान से पूरे क्षेत्र में प्राकृतिक वातावरण खुशनुमा रहा।

Comments