Mukhiya's conference in seraikella



 *सरायकेला:जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन, जन भागीदारी पर रहा फोकस, कई मुखिया हुए सम्मानित*

 *दीपक कुमार दारोघा*

सरायकेला: झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा सरायकेला सामुदायिक भवन में जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के क्षेत्र में मुखिया का दायित्व हुआ उजागर, जन भागीदारी पर रहा फोकस।

इससे पहले मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा एवं मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री बोदरा ने कहा कि मुखिया अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित निगरानी करें तथा विद्यालय प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बच्चों की उपस्थिति एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी प्रभावशाली होना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मुकाम दिला सकते हैं। सरकारी योजना को सफल करना हमारी (जनप्रतिनिधि की) जिम्मेदारी है। सीमित साधन के माध्यम से अच्छा कार्य करने का जिम्मेदारी होना चाहिए।

कार्यक्रम में नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका सरकार एवं समाज के बीच सेतु के रूप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समिति को सुदृढ़ करने पर बल दिया। और कहा कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे इस दिशा में काम करना होगा। मौके में डीआरडीए के निदेशक अजय तिर्की ने कहा समग्र शिक्षा एवं नई शिक्षा नीति में पंचायत प्रतिनिधि को महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण में लोक भागीदारी आवश्यक है।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक कैलाश मिश्रा ने जानकारी दी कि जिले में लगभग 73 प्रतिशत बच्चों की ही विद्यालयों में नियमित उपस्थिति है जबकि 27 प्रतिशत बच्चे विद्यालय से वंचित है। उन्होंने यह भी बताया कि निरक्षर अभिभावकों को साक्षर बनाने हेतु एनआईएलपी के अंतर्गत विशेष पहल की जा रही है। शत प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जन प्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थान प्रतिनिधियों की शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका है।

जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा सभी मुखिया का जिम्मेदारी है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विद्यालय का जरुर विजिट करें।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मुखिया का दायित्व अपने क्षेत्राधीन 6 से 14 आयु वर्ग के सभी बच्चों का ग्राम शिक्षा रजिस्टर तैयार करना एवं प्रतिवर्ष अद्यतन करना है। प्राथमिक शिक्षा बीच में छोड़ने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनका नामांकन पुनः विद्यालय में कराना, बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण करना, विद्यालय का निरीक्षण करना सहित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी गयी।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न पंचायत से आए मुखियाओं ने शिक्षकों की कमी, आधारभूत संरचना की स्थिति सहित विभिन्न समस्या पर प्रकाश डाला। साथ ही विद्यालयों में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम में जिला अंतर्गत विभिन्न पंचायत के उत्कृष्ट मुखिया को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी यस्मिता सिंह, विभिन्न प्रखंड के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, डीपीओ,एपीओ, वीआरपी,सीआरपी, विभिन्न पंचायत के मुखिया,संबंधित पदाधिकारी,कर्मी उपस्थित थे।

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