क्लर्क व दलाल एसीबी के हत्थे चढ़े, सरायकेला में हो रही तरह-तरह की चर्चा
सरायकेला: सरकारी मुआवजा देने के एवज में चांडिल के गुरु चरण सरदार से घूस मांगने के मामले में रंगेहाथ दलाल विनय तिवारी एवं नाटकीय घटनाक्रम में सरायकेला भू अर्जन विभाग के क्लर्क प्रीतम आचार्य एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के हत्थे चढ़े।
धुनाबुरु गांव के गुरु चरण सरदार ने 11 फरवरी को शिकायत किया था कि 2 एकड़ 70 डिसमिल जमीन राज्य सरकार ने पावर ग्रिड के लिए अधिग्रहण किया। इसकी एवज में 1.48 करोड़ मुआवजा राशि मिलनी है। यह राशि देने के लिए क्लर्क व दलाल ने 60 लाख की मांग की। 40 लाख में तय हुआ। मामले की जांच के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई शुरू की।
सोमवार को गुरु चरण के माध्यम से घूस की पहली किस्त 5 लाख भेजवाई। गम्हरिया प्रखंड कार्यालय के पास दलाल विनय तिवारी गाड़ी में नोट गिनते एसीबी के हाथों पकड़ा गया। विनय तिवारी जमशेदपुर हरहरगुटु कृष्णपुरी निवासी बताया जाता है। उसी के निशानदेही पर क्लर्क प्रीतम आचार्य सरायकेला समाहरणालय परिसर से एसीबी के हत्थे चढ़ा।
एसीबी की टीम सरायकेला टाउन हॉल के निकट स्थित प्रीतम के आवास भी पहुंची। आवश्यक कार्रवाई के बाद एसीबी डीएसपी इंद्रदेव राम ने मीडिया को बताया कि मुआवजा राशि भुगतान के एवज में 40 लख रुपए की मांग की गई थी। पहली किस्त के रूप में 5 लाख भुगतान किया। क्लर्क प्रीतम ने विनय के माध्यम से लिया पैसा।

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