*सरायकेला: मकर पर्व में लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी, क्षेत्र में भक्ति उल्लास का माहौल*
*दीपक कुमार दारोघा*
सरायकेला: प्रकृति एवं धार्मिक आस्था का पर्व मकर संक्रांति में लोगों ने जलाशय में लगाई आस्था की डुबकी, सूर्य को किया जलार्पण, शक्तिपीठ देवालयों में की पूजा अर्चना।
यहां तक की मुरूप गोविंदपुर के बीच संजय नदी तट पर ठाकुराणी दरोह भी लोगों के लिए आस्था का केंद्र रहा। लोगों ने यहां स्नान की, सूर्य को जलार्पण किया एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण ठाकुराणी देवी स्थल में पूजा अर्चना कर आस्था जताया। तड़के सुबह से ही लोगों का रुख नदी जलाशयों की ओर रहा। खरकाई नदी में भी लोगों ने स्नान की एवं सूर्य को जलार्पण किया। लोगों ने मंदिर देवालयों में पूजा अर्चना भी की। मान्यता है कि पौष महीना में जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते तो मकर संक्रांति के रूप में जाना जाता है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण में होते हैं और कड़क ठंड में कमी आती है। यह भी मान्यता है कि भागीरथी के तपस्या के कारण माता गंगा इसी दिन धरातल में अवतरण हुए थे। पुराने बुजुर्ग आज भी कहना नहीं भूलते की *जदी बंचिबु बारो मास, तेबे देखबु माघ मास*। अर्थात यदि जिओगे 12 महीना तभी देखोगे माघ महीना। माघ महीना के शुभारंभ में लोगों में भक्ति आस्था भी देखने को मिला।
यहां तक कि कुछ ने दान की परंपरा को भी निर्वाह किया। सरायकेला चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम अग्रवाल, महासचिव मनोज चौधरी साहिबगंज ग्राम स्थित ओल्ड एज होम पहुंचे एवं बुजुर्गों के बीच तिल गुड़ चूड़ा का वितरण किया।
सूत्रों के मुताबिक हर वर्ष की तरह 15 जनवरी को सरायकेला में प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण खरकाई नदी तट पर स्थित झुमकेश्वरी(धुमकेश्वरी) पीठ स्थली में लोग जुटेंगे और जताएंगे माता के प्रति आस्था। खरसावां आकर्षणी देवी पीठ स्थली में भी लोग पहुंचेंगे एवं माता के प्रति आस्था जताएंगे।


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